Posts

BASO-302 SOLVED PAPER JUNE 2025, 4th Semester, भारतीय सामाजिक समस्या

Image
"नमस्कार विद्यार्थियों! आपका स्वागत है UOU Study Point में। यदि आप UTTRAKHAND OPEN UNIVERSITY (UOU) के BASO-302 पेपर की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बेहद खास है। यहाँ हम लेकर आए हैं 2025 परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण Solved Questions, जो आपकी तैयारी को आसान और प्रभावी बनाएँगे। UOU Study Point पर हम हमेशा आपको परीक्षा में काम आने वाली सामग्री प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" प्रश्न 01.सामाजिक समस्या का क्या अर्थ है? सामाजिक समस्याओं की अध्ययन पद्धतियों की विस्तार से व्याख्या कीजिए। (क) सामाजिक समस्या का अर्थ सामाजिक समस्या वह स्थिति या व्यवहार है जो समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित करता है, सामाजिक मूल्यों व मान्यताओं के विरुद्ध होता है तथा जिसके कारण समाज के सामान्य जीवन में बाधा उत्पन्न होती है। ऐसी समस्याएँ केवल व्यक्तिगत नहीं होतीं, बल्कि सामूहिक होती हैं और इनके समाधान के लिए सामाजिक प्रयास आवश्यक होते हैं। परिभाषाएँ माजूमदार के अनुसार – “सामाजिक समस्या वह स्थिति है जो समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग को अवांछनीय प्रतीत होती है और जिसके समाधान के लिए सामूहिक...

BAHL(N)201 IMPORTANT SOLVED QUESTIONS 2025

Image
"नमस्कार विद्यार्थियों! आपका स्वागत है UOU Study Point में। यदि आप उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ( UOU ) के BAHL(N)-201 पेपर की तैयारी कर रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बेहद खास है। यहाँ हम लेकर आए हैं 2025 परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण Solved Questions , जो आपकी तैयारी को आसान और प्रभावी बनाएँगे। UOU Study Point पर हम हमेशा आपको परीक्षा में काम आने वाली सामग्री प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" BAHL(N)201 IMPORTANT SOLVED QUESTIONS 2025 प्रश्न 01 : रीतिकालीन कविताओं का मूल्यांकन कीजिए। उत्तर : रीतिकाल (आ. 1650 ई. से 1850 ई. तक) हिंदी साहित्य का वह युग है जिसे श्रृंगारिक काव्य का स्वर्णकाल कहा जाता है। इसे मुख्यतः श्रृंगार रस, नायिका-भेद, अलंकार और काव्यशास्त्रीय परंपरा की प्रधानता के कारण पहचाना जाता है। 1. विषय-वस्तु रीतिकालीन कविताओं का मूल विषय श्रृंगार रस (श्रृंगार की स्थिति – संयोग और वियोग) रहा। नायिका-भेद, नायक-भेद, प्रेम के विविध रूप, श्रृंगार की सूक्ष्म स्थितियाँ और भावनाएँ कवियों का मुख्य आकर्षण रहीं। भक्ति-रस भी पाया जाता है, विशेषकर कृष्ण भक्ति की...

UOU VAC-15 SOLVED PAPER DECEMBER 2024

Image
आज हम आपको UOU STUDY POINT की तरफ से UTTRAKHAND OPEN UNIVERSITY के पेपर Code VAC-15 के 1st and 2nd Semester के महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर लाए है जो आपकी परीक्षा में बहुत उपयोगी होंगे UOU VAC-15 SOLVED PAPER DECEMBER 2024 Long Answer Type Questions प्रश्न 01: प्राचीन भारतीय मंदिर निर्माण शैलियों का सोदाहरण वर्णन कीजिए। भारत में मंदिर निर्माण की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। वेदकालीन यज्ञ–वेदियों से विकसित होकर गुप्तकाल, चालुक्य, पल्लव, चोल, पांड्य, राष्ट्रकूट और अन्य राजवंशों के संरक्षण में मंदिर स्थापत्य ने विशिष्ट शैलियाँ ग्रहण कीं। मुख्यतः भारतीय मंदिर वास्तुकला तीन प्रमुख शैलियों में विभाजित की जाती है – 1. नागर शैली (उत्तरी भारत की शैली) प्रमुख क्षेत्र – उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा)। विशेषताएँ – शिखर ऊँचे व गोलाकार (Rekha-Prasada) होते हैं। गर्भगृह (गर्भगृह) के ऊपर सीधी रेखाओं वाला ऊँचा शिखर। मंडप (सभा स्थान) एवं प्रांगण। दीवारों पर सुन्दर मूर्तिकला व अलंकरण। उदाहरण – कंदरिया महादेव मंदिर (खजुराहो, मध्यप्रदेश) लिंगराज मंदिर ...